झंकार
बाँबी की शुष्क मिट्टी केअन्तः अश्रुओं के सिंचन सेपहली बार विकसे पुष्प! मानव वंश की सुषुम्ना के छोर परआनन्द रूपी पुष्पित पुष्प! हजारों नुकीली पंखुड़ियों से युक्त होदस हजार वर्षों से सुसज्जित पुष्प! आत्मा को सदाचिर युवा बनाने वालेविवेक का अमृत देने वाले पुष्प!सुश्वेत कमल पुष्प!तू निरन्तर सौरभ का कर संचार मैं इसे ग्रहण कर … Read more